एक महीने में दो पक्ष होने के कारण दो एकादशी होती हैं, एक शुक्ल पक्ष मे तथा दूसरी कृष्ण पक्ष मे। इस प्रकार वर्ष मे कम से कम 24 एकादशी हो सकती हैं, परन्तु अधिक मास की स्थति मे यह संख्या 26 भी हो सकती है।
Author: Archana Dwivedi
आज 24 जनवरी 2025 को उत्तर प्रदेश दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश को पहले संयुक्त प्रांत के नाम से जाना जाता था। वर्ष 2017 से उत्तर प्रदेश मनाने की घोषणा योगी आदित्यनाथ के द्वारा की गई थी
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। उनका निधन 18 अगस्त, 1945 को जापानी ताइवान के ताइपे में हुआ था। इनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और माता का नाम प्रभावती था।
नाखून और बाल दोनों में केराटिन नाम का प्रोटीन पाया जाता है जो उनकी मजबूती और ग्रंथ के लिए जिम्मेदार है अगर नाखून कमजोर हो रहे हैं तो यह इशारा है कि शरीर में प्रोटीन या दूसरे न्यूट्रिशंस की कमी हो रही है जिसका असर हमारे बालों की ग्रोथ पर भी पूरा पड़ता
किसी भी चीज का महत्व हम तब जानते हैं जब वह हमारे पास नहीं होती है । जब तक कोई चीज हमारे पास होती है तब तक उसकी हम वैल्यू नहीं करते हैं या हम इसको पहचान नहीं पाते हैं। आज अपनी इस लेख में हम आपको यही बताने वाले हैं कि
विजयनगर में राम्या नाम का एक व्यक्ति रहता था। उसे नगर के लोग अशुभ मानते थे। उनका मानना था कि अगर उन्होंने उस व्यक्ति को सुबह सबसे पहले देख लिया, तो उनका दिन शापित हो जाएगा और उन्हें पूरा दिन कुछ खाने को नहीं मिलेगा।
एलोवेरा जेल जिसे सदियों से औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, बालों के लिए एक अद्भुत उपचार साबित हो सकता है।एलोवेरा जेल बालों की देखभाल के लिए एक वरदान है
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 जनवरी को अप की स्थापना दिवस पर युवा उद्यमी विकास योजना प्रारंभ करेंगे। प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है। इस दिन प्रदेश की 25000 युवाओं को अपना उद्यम प्रारंभ करने के लिए विशेष लाभ दिए जाएंगे। इस योजना के तहत युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा जिससे वे अपना स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं और भविष्य में आगे बढ़ सकते हैं। सीएम योगी द्वारा दी गई या योजना उनके लिए उपलब्धि साबित होगी जिससे वे अपने सपने को साकार कर पाएंगे। योगी आदित्यनाथ ने दिए यह निर्देश सीएम…
शैक्षिक सत्र 2024 25 में दशमोत्तर कक्षाओं की पिछड़ा वर्ग ( अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग को छोड़कर) छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 30 जनवरी तक आवेदन किया जा सकते हैं
एक देवरानी-जेठानी थी। जेठानी अमीर थी। उसका परिवार भी बड़ा और पूरा-भरा था देवरानी गरीब थी। इतनी गरीब कि जेठानी की सेवा-टहल करके गुजारा करती थी। जो कुछ चूनी-चोकर मिल जाता उसे अपनी झोपड़ी में आकर पका कर खा लेती।
