महाराणा प्रताप सिंह ने जम्मू कश्मीर पर 1885 से 1925 तक शासन किया था। वह अपनी प्रजा के दुख- दर्द जानने के लिए वेश बदलकर घूमा करते थे। वह एक दिन घूमते घूमते किसी तालाब के पास पहुंचे। वहां उन्होंने एक युवक को लेटा हुआ देखा। बुखार से उसका शरीर तप रहा था। महाराज के पूछने पर उसने बताया मैं अपनी पत्नी को लिवाने जम्मू जा रहा हूं। मैं लक्ष्मी मेहतरानी जमाई हूं। राजा ने उसे घोड़े पर बैठ जाने को कहा ,पर वह इतना कमजोर हो चुका था कि घोड़े पर चढ़ नहीं सका। तब महाराज ने उसे अपने…
Author: Archana Dwivedi
हरछठ यानि ललही छठ व्रत कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक ग्वालिन रहती थी। उसको जल्द ही बच्चा होने वाला था। एक तरफ वह प्रसव संबंधित परेशानियों से व्याकुल थी तो वहीं दूसरी तरफ उसका मन गोरस यानि दूध-दही बेचने में लगा हुआ था। उसने सोचा कि यदि उसे प्रसव हो गया तो उसका गौ-रस यूं ही पड़ा रह जाएगा
हलषष्ठी या ऊब छठ, इस दिन भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम का जन्म हुआ था और उनका शस्त्र हल था इसलिए इस दिन को हलषष्ठी कहा जाता है. वहीं कई जगह इस दिन को चंदन षष्ठी के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है
उन्होंने “जागो तुम्हारे भीतर की शक्ति को” और “उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक कि लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” जैसे प्रेरक वाक्य दिए
रिया की कहानी हमें सिखाती है कि अगर हम मेहनत करें और अपने सपनों पर यकीन करें, तो हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं।
रक्षा करने और करवाने के लिए बांधा जाने वाला पवित्र धागा रक्षा बंधन कहलाता है। यह पवित्र पर्व श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की रक्षा के लिए उनके कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई बहनों को जीवन भर उनकी रक्षा का वचन देते हैं।भाई-बहनों के अटूट प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन 19 अगस्त को दिन सोमवार को मनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सहायक शिक्षक भर्ती मामले में एक बड़ा फैसला आया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 69,000 सहायक शिक्षकों के लिए नई चयन सूची बनाने का निर्देश दिए हैं। वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों की नौकरी चली जाएंगी।
हमें इस कहानी से एक बहुत बड़ी सीख मिलती है कि जिंदगी में कभी किसी की मजाक नहीं उड़ानी चाहिए या अपने से कम नहीं समझना चाहिए, क्योंकि हमें नहीं पता की कब, कहाँ और कैसे किसकी जरूरत पड़ जाए।
15 अगस्त 1947 का दिन भारतीय के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा हुआ है। इस दिन भारत ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता हासिल की और पहली बार दुनिया ने भारत को एक देश में मान्यता दी। स्वतंत्रता दिवस केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि यह हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की बलिदान की भी याद दिलाने वाला दिन है और यह हमें देश की एकता और अखंडता की दिशा में प्रयास करके एकजुट रहने की प्रेरणा भी देता है। आज ही के दिन 15 अगस्त 1947 को भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली थी। तब से हर साल 15 अगस्त को…
आजकल के समय में बदलते खानपान की वजह से प्रत्येक व्यक्ति बाल झड़ने की समस्या से परेशान है और वह किसी भी तरीके से निजात पाना चाहता है । समय से पहले बालों का झड़ना हर किसी के लिए एक बड़ी समस्या है, जिससे छुटकारा पाने का तरीका हर कोई खोजता है।
