देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शामिल रतन टाटा अब हमारे बीच में नहीं हैं। रतन टाटा ने देश के लिए कई ऐसे काम किए हैं, जिसके कारण देशवासी उनका नाम सम्मान के साथ लेते हैं। रतन टाटा अरबपति कारोबारी होने के साथ-साथ बेहद दरियादिली इंसान भी थे। रतन टाटा का जीवन रतन टाटा का पूरा नाम रतन नवल टाटा है। वह 86 साल के थे। उनका जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था। वह टाटा ग्रुप के संस्थापक जमशेदजी टाटा के परपोते हैं। रतन टाटा अपनी मेहनत और लगन से कई ऐसे कठिन काम किए हैं, जिसको करना हर…
Author: Archana Dwivedi
सौंफ और मिश्री एक साथ मिलकर ना सिर्फ मुंह का स्वाद (Taste) बढ़ाते हैं बल्कि इसे खाने के कई हेल्थ बेनिफिट्स (Health Benefits) भी हैं। वैसे तो दोनों ही हर घर की रसोई में मौजूद होते हैं पर कम ही लोग इसके फायदे से वाकिफ हैं। दोस्तों, आपने अक्सर होटल रेस्टोरेंट या फिर घर पर सौंफ और मिश्री को बतौर माउथ फ्रेशनर (Mouth Freshner) रखे देखा होगा और उसे खाया भी होगा। आईए जानते हैं कि स्वास्थ्य मिश्र मिलाकर खाने के क्या फायदे हैं – डाइजेशन को करे ठीक सौंफ का सेवन डाइजेशन के लिए भी बहुत लाभदायक है. यह…
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी यूपी बोर्ड में सोमवार को 2024 25 की हाई स्कूल इंटरमीडिएट परीक्षाओं की तारीख घोषित कर दी। विद्यार्थियों को और ज्यादा मेहनत करने की सलाह दी जाती है इसके लिए जरूरी है कि वह अपना टाइम टेबल सही तरीके से सेट करें और उसको अपनी दिनचर्या में प्रयोग करें क्योंकि सही प्लानिंग भी सही व्यक्ति को लक्ष्य तक पहुंचाती है । कब है यूपी बोर्ड 10th और 12th की परीक्षा?? उत्तर प्रदेश बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 2024 25 की हाई स्कूल इंटरमीडिएट परीक्षाओं की तारीख घोषित कर…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी किसी देश की यात्रा करते हैं तो उन्हें उसे देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जाता है । वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री जी ने कई देशों की यात्रा की और उन्हें कई पुरस्कार भी प्राप्त हुए। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नाइजीरिया के दूसरे सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजीरिया से सम्मानित किया गया हम आपको बता दें कि यह पुरस्कार ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एक ऐसी विदेशी हस्ती थी जिन्हें 1969 में यह सम्मान दिया गया था। यह पीएम मोदी को दिया गया 17वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मान…
भारत के 10वें प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था। वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में 3 बार सेवाएं दीं। अगर उनके कार्यकाल को देखा जाए तो उनका पहला कार्यकाल 15 दिनों का (16 मई 1996 से 1 जून 1996), दूसरा कार्यकाल 13 महीने के समय के लिए (19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999) और तीसरा पाँच साल (13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004) तक रहा। वाजपेयी 9 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के लिए चुने गए। भारत के स्वतंत्र होने के बाद उनके द्वारा लिए गए निर्णय ने विदेशी और घरेलू…
कार्तिक पूर्णिमा के दिन बिठूर में गंगा नदी के किनारे लगने वाला कार्तिक यानी कतकी मेला प्राचीन काल से ही पूरे उत्तर भारत में प्रसिद्ध है
बिरसा मुंडा छोटा झारखंड के छोटा नागपुर क्षेत्र के रहने वाले थे जिन्हें आदिवासियों का सेनानायक भी कहा जाता है। क्योंकि उन्होंने आदिवासियों के अधिकारों के लिए अनेक आंदोलन भी किए। प्रत्येक वर्ष 15 नवंबर को बिरसा मुंडा दिवस मनाया जाता है इस दिवस को मनाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। सेनानायक बिरसा मुंडा का परिचय आदिवासियों के महानायक बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के आदिवासी दम्पति सुगना और करमी के घर हुआ था। भारतीय इतिहास में बिरसा मुंडा एक ऐसे नायक थे, जिन्होंने भारत के झारखंड में अपने क्रांतिकारी चिंतन से उन्नीसवीं शताब्दी…
ब्रिटिश लेखिका समांथा हार्वी उनके उपन्यास और आर्बिटल के लिए वर्ष 2024 का बुकर पुरस्कार दिया गया है। समांथा हार्वी 2019 के बाद बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला और 2020 के बाद यह अवार्ड जीतने वाली पहली ब्रिटिश लेखिका है।
हिंदू सनातन धर्म में एकादशी के एक दिन बाद यानी त्रयोदशी को प्रदोष मनाया जाता है । इस दिन महिलाएं प्रदोष का व्रत भगवान शिव के लिए रखती हैं जिससे भगवान प्रसन्न होते है। नवम्बर 2024 में आज 13 नवंबर बुधवार के दिन शाम के समय शुभ मुहूर्त में प्रदोष व्रत की पूजा की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत रखने से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शिवजी की पूजा की जाती है और महिलाएं शिवजी का व्रत पूजन बड़ी श्रद्धा के साथ करके प्रदोष का व्रत संपन्न करती हैं। इस…
हिंदू सनातन धर्म देव उठानी एकादशी का विशेष महत्व की क्योंकि इस दिन भगवान चार माह के बाद जागते हैं और इस दिन से सभी मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं ऐसा माना जाता है कि देवउठनी एकादशी के दिन माता तुलसी और शालिग्राम भी भगवान का विवाह हुआ था इसलिए देवउठनी एकादशी में तुलसी माता की शालिग्राम भगवान के साथ विवाह कर के पूजा की जाती
