Author: Archana Dwivedi

I’m Archana Dwivedi - a dedicated educator and founder of an educational institute. With a passion for teaching and learning, I strive to provide quality education and a nurturing environment that empowers students to achieve their full potential.

भारत के तत्कालीन(पूर्व) प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने 24 अप्रैल 2010 को पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस घोषित किया था।  उन्होंने उल्लेख किया कि अगर पंचायती राज संस्थाओं ने ठीक से काम किया और स्थानीय लोगों ने विकास प्रक्रिया में भाग लिया, तो माओवादी खतरे का मुकाबला किया जा सकता है। केंद्र और राज्य के भांति स्थानीय स्तर की सरकार बनाने का निर्णय लिया गया इसका तात्पर्य है कि स्थानीय स्तर पर भी लोगों को उनके अधिकार दिए गए कि किस तरीके से वह अपने व्यवस्था को नियमित रूप से चला सकते हैं। इसके लिए कई प्रकार की कमेटी बनाएगी जिन्होंने अपने-अपने…

Read More

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कल सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में खास क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया। इस सम्मान में उन्होंने तीन लोगों को पद्म विभूषण, 8 हस्तियों को पद्म भूषण और 55 लोगों को पद्मश्री से उनके सर्वोच्च उत्कृष्ट कार्यो के लिए नवाजा । पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक, अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती और कई अन्य प्रमुख व्यक्तियों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। ये लोग थे मुख्य अतिथि… इस अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, लोक सभा अध्यक्ष श्री…

Read More

जग के नाथ अर्थात जगन्नाथ” कोई और नही बल्की स्वयं भगवान नारायण के 8 वे अवतार भगवान श्री कृष्ण ही है । द्वापर युग के बाद भगवान श्री कृष्ण पुरी में आकर वास करने लगे थे। जगन्नाथ पुरी भगवान के चार धामों में से एक धाम है। यहां पर भगवान श्री कृष्णा अपने बड़े भाई बलराम और  बहन सुभद्रा के साथ विराजे हुए हैं।

Read More

प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को सिविल सर्विसेज डे यानी प्रशासनिक सेवा दिवस मनाया जाता है। भारत सरकार इस दिन उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मानित करती है।

Read More

दोस्तों अपने अकबर बीरबल की कहानी तो बहुत सुनी और पढ़ी होगी। उनकी कहानियों में कुछ नया सीखने को मिलता है। ऐसी ही एक मजेदार कहानी आज हम आपके लिए लेकर आए हैं जिसका नाम है बीरबल की चतुराई। आईए जानते हैं कि क्या है आज की कहानी…… बीरबल की चतुराई -अकबर को दिया हरा घोड़ा…. एक शाम राजा अकबर अपने प्रिय बीरबल के साथ अपने शाही बगीचे की सैर के लिए निकले। वह बगीचा बहुत ही शानदार था। चारों ओर हरियाली ही हरियाली थी और फूलों की भीनी भीनी खुशबू वातावरण को और भी खूबसूरत बना रही थी। ऐसे…

Read More

हिंदू पंचाग के अनुसार चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन कामदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का शुभारंभ 18 अप्रैल, गुरुवार को शाम 05 बजकर 31 मिनट पर शुरू हो चुका है, जिसका समापन आज यानी 19 अप्रैल को संध्याकाल 08 बजकर 04 मिनट पर होगा। 

Read More

लखनऊ के रहने वाले आदित्य श्रीवास्तव ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पहला स्थान हासिल करके राजधानी का नाम रोशन किया है। आदित्य श्रीवास्तव इस समय अंडर ट्रेनी आईपीएस ऑफिसर के रूप में हैदराबाद में तैनात हैं। रिजल्ट जारी होते ही एल्डिको आईआईएम रोड स्थित उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। आदित्य ने निजी कंपनियों में नौकरी करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। पहली बार प्रारंभिक परीक्षा में सफलता नहीं मिली। पिछली परीक्षा में 236वीं रैंक के साथ आईपीएस के रूप में चयनित होने के बाद अब आईएएस बनने में सफलता…

Read More

नवमी के दिन पूजी जाने वाली देवी मां सिद्धिदात्री का स्वरूप गौर, दिव्य और शुभता प्रदान करने वाला है। मां सिंह वाहन और कमल पर भी आसीन होती हैं। इनकी चार भुजाएं हैं, दाहिने ओर के नीचे वाले हाथ में चक्र, ऊपर वाले हाथ में गदा और बाईं ओर के नीचे वाले हाथ में शंख और ऊपर वाले हाथ में कमल का फूल है। मां को बैंगनी और लाल रंग अतिप्रिय होता है। माना जाता है मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही शिवजी का आधा शरीर देवी का हुआ और इन्हें अर्द्धनारीश्वर कहा गया।

Read More

अष्टमी तिथि के दिन प्रात:काल स्नान-ध्यान के पश्चात महागौरी की पूजा में श्वेत, लाल या गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें एवं सर्वप्रथम कलश पूजन के पश्चात मां की विधि-विधान से पूजा करें। देवी महागौरी को चंदन, रोली, मौली, कुमकुम, अक्षत, मोगरे का फूल अर्पित करें व देवी के सिद्ध मंत्र श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम: का जाप करें।

Read More

मान्यता है कि सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से भूत, प्रेत या बुरी शक्तियों से छुटकारा मिलता है और भय समाप्त होता है। जो भक्त निश्चल भाव से माता की पूजा करते हैं।  श्रद्धा व भक्ति भाव से पूजा करने से कालरात्रि माता अपने भक्तों पर प्रसन्न होती है और उन्हें विशेष आशीर्वाद प्रदान करती हैं उनके जीवन को सुख समृद्धि और खुशियों से भर देती है।

Read More