रामानुजन का जन्म एक गरीब परिवार में 22 दिसम्बर, 1887 को तमिलनाडु के इरोड़ कस्बे में हुआ था। उनके पिता एक साड़ी की दुकान पर क्लर्क का काम करते थे। रामानुजन के जीवन पर उनकी माँ का बहुत प्रभाव था।
Author: Archana Dwivedi
यह दिल्ली में आयोजित 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार था ।समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वहीदा रहमान को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया।
द्विपाद चक्रिकासन से पैरों का किसी भी प्रकार का दर्द हो और जल्दी खत्म हो जाता है परंतु इसको करते समय सावधानी आवश्यक बरतनी चाहिए यदि आप इसे सही तरीके से नहीं करते हैं तो यह आप पर गलत प्रभाव भी डाल सकता है इसलिए किसी भी आसान को करते समय उसके सभी आवश्यक शर्तों को जरूर जान ले।
नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है और इस दिन कलश स्थापना के बाद मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का पूजन अर्चन – स्तवन करके दुर्गा कवच का पाठ पढ़ना चाहिए। माता की पूजन में कीलक मंत्र का जाप जरुर करना चाहिए।
इस वर्ष 2023 में इस इंडेक्स में भारत चार स्थान और नीचे खिसक आया है क्योंकि पिछले वर्ष भारत का स्थान 121 देश में 107वा था जबकि इस बार भारत का स्थान 125 देश में 111 स्थान है।
वर्तमान समय में बढ़ते तनाव के कारण मां-बाप बच्चों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रहे हैं जिसकी वजह से बच्चे भी अपनी बात उनसे कहने में असहज महसूस करते हैं। बच्चों के साथ यदि स्कूल अथवा कहीं भी कोई बात होती है तो वह मां-बाप को इसलिए नहीं बताते हैं क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि कहीं इसकी वजह से उनकी पढ़ाई बंद न करा दी जाए। हम आपको बता दे यदि आपके घर में भी बच्चे आपसे कट के रहते हैं या आपके सामने आना नहीं चाहते हैं तो उन पर ध्यान दीजिए कि किस तरीके की समस्याओं…
आजकल लोगो का वजन बढ़ता जा रहा है परंतु कई चीज खाने के बावजूद उनका वजन कम नहीं हो रहा तो हम आपको बता दे की बहुत ऐसे फल है जिनका यदि आप रात में सेवन करते हैं तो आपका वजन कम नहीं होगा बल्कि बढ़ जाएगा। आईए जानते हैं इसके बारे में –
तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना है। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नही है।
हम आपको बता दे कि स्विट्जरलैंड की कंपनी एटीलियर्स लुइस मोइनेट से ने ऐसी ही घड़ी बनाई है जिसकी कीमत दो करोड रुपए है इसका नाम कॉस्मोपोलिस रखा गया है
जॉन फॉसे, नॉर्वे के लेखक और नाटककार हैं। जिन्हे मानवीय भावनाओं को सरल शब्दों में व्यक्त करने वाले अनकही की आवाज़ देने वाले जॉन फॉसे को “उनके अभिनव नाटकों और गद्य के लिये” साहित्य का नोबल पुरस्कार- 2023 दिया गया है।
