भ्रामरी का अर्थ है -भवँरे का गुंजन । इस प्राणायाम में रेचक करते समय भ्रमर के समान गुंजन की आवाज निकलती है इसलिए इसे मधुमक्खी श्वास भी कहा जा सकता है। भ्रामरी (बी ब्रीथ) ध्यान के लिए एक प्रभावी प्राणायाम (श्वास व्यायाम) है। भ्रामरी प्राणायाम थकान और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है
Author: Archana Dwivedi
एक बार की बात है कोलकत्ते के एक स्कूल से विद्यार्थियों का एक समूह विलियम फोर्ट देखने गया किले की सुंदरता बहुत अद्वितीय थी बच्चे उस किले की एक -एक चीज देखने के लिए बहुत अधिक उत्साहित ….
योग विज्ञान पर आधारित एक आध्यात्मिक विषय है , जो मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित करने का साधन है योग के विज्ञान की उत्तपत्ति हजारो साल पहले हुई थी योग का प्रथम गुरु एवं योगी भगवान शिव को माना जाता है कई हजार वर्ष पूर्व आदियोगी ने अपने प्रबुद्ध योग ज्ञान को प्रसिद्द सप्त ऋषियों (कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भारद्वाज।) को प्रदान किया
योग की विभिन्न मुद्राएं (Yoga Mudra in Hindi) निम्न प्रकार हैं-
योग एक व्यापक शब्द है जो संस्कृत भाषा के ‘युज धातु’ से निकला है, जिसका अर्थ होता है -“आत्मा का परमात्मा से मिलन” अर्थात योग में इतनी शक्ति होती है, कि यह आपको अमरत्व की प्राप्ति करा सकता है।
इन दिनों शहर में जी-20 सम्मेलन की बैठक चल रही है यह बैठक सोमवार को शुरू हुई थी जोकि 3 दिन चली। 3 दिनों तक चलने वाली डिजिटल इकनोमिक वर्किंग ग्रुप की बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर साइबर सिक्योरिटी डिजिटल स्क्रीन जैसे विषय पर चर्चा हुई बैठक का उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया ।
देश के कई राज्यों में चल रहे तात्कालिक चुनावों के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए हैं। इसके अलावा एक केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में एलजी ( उप राज्यपाल ) भी बदले गए है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और लद्दाख के उप राज्यपाल राधाकिशोर माथुर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
हाल ही में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के रूप में क्रिस हिपकिंग्स किसने शपथ ली है। वे न्यूजीलैंड के 41वे प्रधानमंत्री बने हैं उन्होंने कोविड महामारी के दौरान स्वास्थ्य प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई थी । कार्मेल सेपुलोनी ने उप प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
आज के समय में सर्दी तेजी से बढ़ रही है। मौसम बदल रहा है ।ऐसे में खांसी ,सर्दी ,जुकाम, बुखार या स्किन इचिंग होना साधारण सी बात हो गई है। यह चीजें बहुत ज्यादा खतरनाक तो नहीं होती है परंतु कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अगर पहले से कोई समस्या है जैसे शुगर ,बीपी, कोलेस्ट्रोल आदि की परेशानी ,तो गलत खान-पान से उनको और अधिक खतरा हो सकता है। आइए जानते हैं कि सर्दियों के मौसम में किन चीजों से करें परहेज जिनसे आप भी रह सकते है फिट और स्वस्थ –
सर्दियों के मौसम में अक्सर लोग इस बात से परेशान रहती हैं कि क्या खाया जाए और क्या ना खाया जाए क्योंकि यदि सही तरीके से किसी चीज का सेवन नहीं किया जाएगा तो वह नुकसानदायक भी हो सकता है । याद रखिए खान-पान और रहन-सहन मौसम के अनुसार बदलना ही चाहिए परंतु क्या खाएं जिसमें कोलेस्ट्रोल और फैट बढ़ने से समस्या ना हो इसका ध्यान जरूर रखें।
