“असफलता से सफलता तक: आरती की IAS यात्रा” संघर्ष की शुरुआत आरती एक छोटे से गाँव की साधारण लड़की थी। मिट्टी का घर, सीमित साधन और बड़े सपने — यही उसकी पहचान थी। उसके पिता किसान थे और माँ गृहिणी। गाँव में ज़्यादातर लोग दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते थे, लेकिन आरती की आँखों में एक अलग ही चमक थी।उसने पहली बार स्कूल में अपने शिक्षक के मुँह से “IAS अधिकारी” शब्द सुना और उसी दिन तय कर लिया — “मुझे देश के लिए काम करना है।” कॉलेज शहर में था। वहाँ न बड़े कोचिंग संस्थान थे, न महँगी…
Author: Archana Dwivedi
समय वास्तव में सबसे बड़ा खजाना है कहते भी है अब नहीं तो कभी नहीं और अंग्रेजी में इसी को कहा गया है time is very precious Now or Never कहां जाता है। एक बड़ी सन बड़ी ही सुंदर पंक्ति कहीं जाती है – इसलिए वर्तमान ईश्वर की ओर से मिला हुआ एक तोहफा है ऐसा समझ करके उसका सही प्रयोग करना चाहिए इसका महत्व समझकर इसे ईश्वर स्मृति सेवा और श्रेष्ठ कर्मों में लगाना ही वास्तविक पुरुषार्थ है। जब हम अपने संकल्प वचन और व्यवहार को मानवता की भलाई प्रभु ईश्वर में सफल बनाते हैं तभी मन निश्चित निर्भय…
IAS की परीक्षा एक बहुत बड़ी परीक्षा मानी जाती है जिसे पास करना थोड़ा मुश्किल होता है। यह देश की सबसे बड़ी परीक्षा है जिसे देना सबका सपना होता है परंतु इसमें कुछ ही विद्यार्थी सफल हो पाते हैं। इस वर्ष की इस की परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थी जब हमारे देश के डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह से मिले तब उन्होंने उन बच्चों से कुछ सवाल पूछे जिनका उत्तर देने में सभी सच में पड़ गए लिए जानते हैं कि क्या है पूरी खबर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस साल UPSC अपने 100 वें वर्ष में प्रवेश कर…
प्रत्येक वर्ष ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी एक शब्द को वर्ड ऑफ द ईयर चुनती है इस वर्ष भी एक ऐसा ही शब्द चुना गया है जिसे वर्ड ऑफ द ईयर बताया जा रहा है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में Rage bait को वर्ड का ईयर घोषित किया गया। इस शब्द को पब्लिक वोटिंग के बाद चुना गया है वोटिंग में दुनिया भर के 30000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। Rage Bait का मतलब होता है: जानबूझकर निराशाजनक, उत्तेजक, आक्रामक ऑनलाइन कंटेंट तैयार करना जिसका मकसद लोगों में गुस्सा याक्रोश पैदा करके किसी वेब पेज या सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्रैफिक बढ़ाना है।
मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एक अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी तिथि है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया व्रत मनुष्य को न केवल इस जन्म के पापों से मुक्त करता है, बल्कि उसके पूर्वजों की आत्मा को भी शांति और मोक्ष प्रदान करता है। “मोक्षदा” का अर्थ ही होता है — मोक्ष प्रदान करने वाली। यह एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इस दिन उनका स्मरण, पूजन और कथा-पाठ व्यक्ति के जीवन को पवित्र, शांत और दिव्य बना देता है। 2025 में मुहूर्त व पारण समय एकादशी तिथि आरंभ: 30 नवंबर…
विजयनगर का बाज़ार हमेशा रौनक से भरा रहता था। दूर–दूर से व्यापारी अपने सामान बेचने आते थे। उन्हीं में से एक था मरुथप्पा, जो अपनी लालच भरी आदतों के लिए जाना जाता था। वह नकली बाटों का उपयोग कर ग्राहकों से ज़्यादा पैसे वसूलता था। कई लोगों ने इसकी शिकायत राजा से की, और राजा ने सच्चाई जानने की ज़िम्मेदारी तेनालीराम को दी।तेनालीराम एक गरीब यात्री के रूप में भेष बदलकर मरुथप्पा की दुकान पर पहुँचे। उन्होंने थोड़ी-सी चावल खरीदने की इच्छा जताई। व्यापारी ने मुस्कुराते हुए चावल तौले, लेकिन उसके बाट अंदर से खोखले थे, जिससे तौल ज़्यादा दिखती…
भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे में न्यायपालिका की भूमिका सर्वोच्च है, और इस स्तंभ का नेतृत्व करता है — भारत का मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India – CJI)। यह पद न केवल न्याय की व्यवस्था का शीर्ष बिंदु है, बल्कि संविधान की रक्षा, न्यायिक स्वतंत्रता और जनता के अधिकारों की सुरक्षा का दायित्व भी निभाता है। आइए समझते हैं कि CJI कौन होता है, कैसे नियुक्त किया जाता है, उसके अधिकार क्या होते हैं और अब तक इस पद पर कौन-कौन आसीन हो चुके हैं। पद का स्वरूप: CJI कौन होता है? भारत के सुप्रीम कोर्ट का प्रमुख न्यायाधीश ही…
जया किशोरी जी कहती हैं – सफलता पाने के लिए सबसे पहले खुद के सपनों के प्रति ईमानदार होना पड़ता है। अगर विद्यार्थी इन सूत्रों को अपनाएंगे, तो पढ़ाई में फ़ोकस और रिजल्ट दोनों बेहतर होंगे। १.मोबाइल से दूरी बनाएं रख में हीने समझदारी पढ़ाई के दौरान फोन को नजर से दूर रखें, ताकि बार-बार उसे देखने का लालच न हो। जब भी मन पढ़ाई से हटे, खुद से पूछें – अगर आज मेहनत नहीं की तो कल कैसा महसूस होगा? 2.धैर्य से आएगा फ़ोकस फोकस कोई जादू नहीं, ये प्रैक्टिस से आता है. रोज़ थोड़ा-थोड़ा सुधार करें. सफलता अर्जित…
संविधान दिवस भारतीय नागरिकों में संविधान के प्रति सम्मान, जागरूकता और कर्तव्य-बोध बढ़ाने के लिए यह दिन मनाया जाता है।यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारा राष्ट्र कानून, न्याय और लोकतंत्र के सिद्धांतों पर खड़ा है। संविधान दिवस कब मनाया जाता है? ➡️ हर वर्ष 26 नवम्बर को पूरे देश में। यही दिन था जिस दिन हमारे संविधान को अंगीकृत किया गया था जैसा कि हमारे प्रस्तावना में कहा गया है कि 26 नवंबर 1949 को संविधान को स्वीकार किया गया था। जिसे आज संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहली बार संविधान दिवस कब मनाया गया?…
मेडिकल की फील्ड में 12वीं के बाद जाना स्टूडेंट्स का सपना होता है। इसके लिए हर बच्चा नीट का पेपर देना चाहता है जिसे निकालना एक बड़ी बात होती है क्योंकि किसका पेपर काफी कठिन माना जाता है। अधिकतर छात्र सोचते हैं कि डाॅक्टरी या मेडिकल की लाइन में आगे बढ़ने के लिए नीट एग्जाम जरूरी है लेकिन ऐसा नहीं है। मेडिकल सेक्टर के कई ऐसे कोर्स हैं जिन्हें बिना नीट के किया जा सकता है। यहां आपको 5 उन कोर्स के बारे में जानकारी दी जा रही है जिनमें से कोई एक भीं कंप्लीट कर लिया तो फ्यूचर सेट…
