एक गाँव में एक बहुत ही बुद्धिमान बुज़ुर्ग व्यक्ति रहते थे। उनके घर के सामने एक बहुत पुराना बरगद का पेड़ था — विशाल, घना और गहराई तक धरती में फैला हुआ। एक दिन गाँव के कुछ लड़के उस पेड़ के नीचे खेल रहे थे। तभी तेज़ आँधी और बारिश शुरू हो गई। चारों ओर पेड़ गिरने लगे, झोपड़ियाँ उड़ गईं, पर वह बरगद का पेड़ ज़रा भी नहीं हिला। जब बारिश थमी, तो एक लड़के ने आश्चर्य से पूछा —“बाबा, ये पेड़ इतने तूफ़ान में भी कैसे नहीं गिरा?” बाबा मुस्कुराए और बोले —“बेटा, इस पेड़ की शाखाएँ ऊपर…
Author: Archana Dwivedi
बहुत समय पहले की बात है। यमराज, मृत्यु के देवता, धरती पर आए और अपनी बहन यमुनाजी के घर पहुँचे। यमुनाजी को अपने भाई की प्रतीक्षा थी। उसने साफ-सफाई की, घर को सजाया और विशेष पकवान बनाए। भाई यमराज वहाँ पहुँचते ही आश्चर्यचकित हो गए। यमुनाजी ने भाई का स्वागत बहुत प्यार से किया, उनके पैर छुए और उन्हें बैठाया। उसने उन्हें सर्वश्रेष्ठ भोजन परोसा और मिठाइयाँ दीं। यमराज को देखकर सभी देवता भी खुश हुए, लेकिन यमराज ने अपने बहन से कहा: > “बहन, तुम्हारा यह प्रेम और सत्कार देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। मैं वचन देता हूँ कि…
दिवाली के दूसरे दिन मनाया जाने वाला परेवा पर्व भारतीय परंपरा में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व गोवर्धन पूजा के अगले दिन आता है और इसे कई स्थानों पर अन्नकूट या यम द्वितीया के पहले वाला दिन भी कहा जाता है। इस दिन का संबंध संपत्ति की स्थिरता, शांति और सौभाग्य से जुड़ा है। धन खर्च न करने की परंपरा लोकमान्यता के अनुसार, परेवा के दिन पैसा खर्च नहीं किया जाता। ऐसा माना जाता है कि इस दिन लक्ष्मी जी घर में विराजमान होती हैं, इसलिए धन को स्थिर रखना शुभ होता है। अगर इस दिन अनावश्यक खर्च किया…
दिवाली या दीपावली भारत का सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहार है। यह अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई, और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्रीराम चौदह वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, इसलिए नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया। तभी से यह परंपरा हर वर्ष मनाई जाती है। दिवाली धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माँ लक्ष्मी की पूजा का विशेष पर्व भी है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और जिस घर में स्वच्छता, पवित्रता और भक्ति होती है, वहाँ स्थायी रूप से…
भूमिका दीपों का त्योहार दीपावली पाँच दिनों तक चलने वाला पर्व है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है। यह दिन समृद्धि, स्वास्थ्य और सुख-शांति का प्रतीक माना जाता है। “धन” का अर्थ है संपत्ति और “तेरस” का अर्थ है कृष्ण पक्ष की तेरहवीं तिथि। इसी दिन भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। धनतेरस का महत्व 9पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया, तो अमृत कलश लेकर भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए। वे आयुर्वेद और स्वास्थ्य के देवता माने जाते हैं। इसीलिए धनतेरस के दिन लोग भगवान धन्वंतरि की पूजा…
एक बार की बात है, विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के दरबार में एक अमीर व्यापारी आया। उसने राजा से कहा –“महाराज! मैं आपकी बुद्धिमत्ता की बहुत तारीफ सुन चुका हूँ। मैं अपनी एक सोने की थाली आपके किसी बुद्धिमान दरबारी को देना चाहता हूँ, जो मुझे सही उत्तर दे सके।” राजा ने कहा – “पूछो, तुम्हारा प्रश्न क्या है?” व्यापारी ने पूछा –“महाराज, दुनिया में सबसे बड़ा आदमी कौन है?” सारे दरबारी सोच में पड़ गए। कोई बोला “राजा सबसे बड़ा होता है”, कोई बोला “धनवान आदमी सबसे बड़ा होता है”, कोई बोला “विद्वान सबसे बड़ा होता है।” लेकिन…
तिथि और मुहूर्त (वाराणसी के अनुसार) एकादशी तिथि आरंभ: 16 अक्टूबर 2025, सुबह 10:35 बजे एकादशी तिथि समाप्त: 17 अक्टूबर 2025, सुबह 11:12 बजे पारण (व्रत तोड़ने का समय): 18 अक्टूबर 2025, प्रातः 05:58 से 09:48 बजे तक वार: शुक्रवार स्थान: वाराणसी रमा एकादशी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में आती है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है और व्रती को जीवन में सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।यह एकादशी विशेष रूप से रमा देवी (लक्ष्मी जी का रूप) की पूजा के लिए मानी जाती है। इस दिन उपवास और भगवान विष्णु का स्मरण करने से समस्त…
दीवाली पवित्रता, प्रकाश और समृद्धि का त्योहार है। इस अवसर पर सफाई करने के पीछे वैज्ञानिक, धार्मिक और सामाजिक — तीनों कारण हैं। 1. धार्मिक कारण माना जाता है कि माता लक्ष्मी स्वच्छ और सुंदर घर में ही प्रवेश करती हैं। इसलिए दीवाली से पहले घर, दुकान और आस-पास की सफाई कर घर को पवित्र बनाया जाता है। सफाई से नकारात्मक ऊर्जा (negative energy) दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा (positive energy) आती है। 2. वैज्ञानिक कारण वर्षा ऋतु के बाद धूल, कीड़े-मकोड़े, और नमी घर में जमा हो जाती है। सफाई करने से वातावरण स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक (healthy) बनता…
Once upon a time a daughter complained to her father that her life was miserable and that she didn’t know how she was going to make it. She was tired of fighting and struggling all the time. It seemed just as one problem was solved, another one soon followed. Her father, a chef, took her to the kitchen. He filled three pots with water and placed each on a high fire. Once the three pots began to boil, he placed potatoes in one pot, eggs in the second pot, and ground coffee beans in the third pot. He then let…
विजयदशमी का पर्व निकलते ही हर घर में दिवाली की तैयारी शुरू हो जाती है।साफ सफाई से लेकर रंगाई पुताई तक के काम युद्ध स्तर पर चलने लगते हैं।माता लक्ष्मी के स्वागत के लिए हर घर चमकने लगता है। घर को चमकदार बनाने के लिए लोग अलग-अलग तरह के तरीके इस्तेमाल करते हैं। कहते हैं कि जिनके घर में साफ सफाई होती है माता लक्ष्मी उनके घर जरूर जाती हैं और वहां पर संपन्नता और प्यार फैलती हैं परंतु जिनके घर में लड़ाई झगड़ा होता है और साफ सफाई नहीं रहती है उनके घर माता लक्ष्मी का आगमन कभी नहीं…
