समय और समंदर की लहरे कभी किसी का इंतजार नहीं करती, इसलिए हमें समय का सदुपयोग करना चाहिए और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। जो समय हम आज बर्बाद करेंगे वो फिर कभी लौट कर नहीं आयेगा । हमे अपने समय का प्रयोग अच्छी चीजों में करना चाहिए ।
Author: Archana Dwivedi
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा ने स्वर्ग और पृथ्वी की रचना की थी। उन्होंने देवताओं के लिए कई अद्भुत वस्तुएँ बनाईं, जिनमें से एक थी भगवान इंद्र का वज्र। भगवान विश्वकर्मा ने ही भगवान शिव के लिए कैलाश पर्वत की रचना की थी।
आज कल बढ़ता वजन लोगों के लिए बहुत समस्या बन गया है जिसे लोग खत्म करने के लिए अनेक उपाय अपनाते हैं। वजन कम करने के लिए सबसे जरूरी है डाइट पर कंट्रोल करना क्योंकि अगर आप अपनी डाइट पर कंट्रोल नहीं करेंगे तो वजन कम करना बहुत मुश्किल है। खासकर वजन कम करने के लिए मीठा छोड़ना पड़ता है। मीठा एक ऐसी चीज है जिसे छोड़ पाना बहुत मुश्किल है। इसी वजह से कई लोगों का वजन कम (Weight Loss) नहीं हो पाता है। मगर अब परेशान होने की जरुरत नहीं है। हम आपको एक ऐसे लड्डू की रेसिपी…
एक बार राजा कृष्ण देव राय के दरबार में एक जादूगर आया। उसने बहुत देर तक हैरतअंगेज़ जादू करतब दिखा कर पूरे दरबार का मनोरंजन किया। फिर जाते समय राजा से ढेर सारे उपहार ले कर अपनी कला के घमंड में सबको चुनौती दे डाली-
प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन अर्थात् 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को केन्द्र सरकार की आधिकारिक भाषा बनाने का निर्णय लिया था।
इस साल परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 14 सितंबर शनिवार को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करने और व्रत करने से आपको सभी पापों से मुक्ति मिलने के साथ ही मोक्ष की भी प्राप्ति होती है
रोजाना वॉक करने कैलोरी बहुत बी तेजी से बर्न होती है। अगर आप भी सुबह और शाम को वॉक करते हैं इससे आपका वेट कंट्रोल रहेगा
किशोरी जी श्रीकृष्ण जी की प्राणप्रिया मानी जाती है। प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी (Radha Ashtami 2024) का पर्व मनाया जाता है।
सपनों को पाने की चाहत, मेहनत को अपना साथी बना लेती है।”
किसी भी देश की खुशहाली और विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वहां रहने वाले लोग कितने पढ़े-लिखें हैं। ऐसे में लोगों को साक्षरता के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। भारत में भी इसको लेकर कई प्रयास किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2024 की थीम इस वर्ष का विषय, ‘ बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देना: आपसी समझ और शांति के लिए साक्षरता ‘ इस बात पर जोर देता है कि बहुभाषी दृष्टिकोण न केवल साक्षरता क्षमताओं को विकसित करने में सहायक है; बल्कि यह अंतर-सांस्कृतिक संवाद, आपसी समझ और…
